द फॉलोअप डेस्क
असम कैबिनेट ने 'असम राज्य डेटा नीति (ASDP), 2026' को मंज़ूरी दे दी। इस नीति का मकसद पूरे राज्य में शासन को मज़बूत करना और सेवाओं की डिलीवरी को बेहतर बनाना है। बैठक के बाद प्रेस को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री अतुल बोरा ने कहा कि यह नीति सभी सरकारी विभागों के बीच व्यवस्थित रूप से डेटा साझा करने को अनिवार्य बनाती है। बोरा ने कहा, "राज्य कैबिनेट ने ASDP 2026 की अधिसूचना और कार्यान्वयन को मंज़ूरी दे दी है, जो 'असम राज्य डेटा नीति, 2022' की जगह लेगी। 'असम राज्य डेटा नीति (SDP) 2026' ने 'सेंटर फॉर डेटा मैनेजमेंट (CDM)' को एक नोडल एजेंसी के रूप में स्थापित किया है, जो एनालिटिक्स और AI के लिए पूरे राज्य में एक एकीकृत डेटा रिपॉजिटरी (भंडार) को लागू करेगी।" बता दें कि असम विधान सभा सत्र आज से शुरू हो गया है।

तीन वर्षों के भीतर 'राज्य डेटा कैटलॉग' चालू करना है
अंतरिम संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य अगले तीन वर्षों के भीतर एक 'राज्य डेटा कैटलॉग' को चालू करना है, "जिससे सरकारी विभागों के साथ-साथ नागरिकों को भी प्राथमिकता वाले डेटासेट तक पहुंच मिल सके।" उन्होंने आगे कहा कि इस पहल से नवाचार, साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने और नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह कदम सरकार के उस व्यापक प्रयास के बीच आया है, जिसके तहत वह शासन और लोक प्रशासन में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) को एकीकृत करने पर ज़ोर दे रही है। नौकरशाही स्तर पर, सरकारी विभागों में AI को एकीकृत करने के लिए एक रणनीतिक रूपरेखा तैयार करने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।

AI और मशीन लर्निंग को अपनाने की वकालत की
बता दें कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बार-बार AI और मशीन लर्निंग (ML) जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने की वकालत की है, और साथ ही कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों के छात्रों को नवाचार-संचालित क्षेत्रों और तकनीकी प्रगति से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया है। फरवरी 2026 में, सरमा ने सरकारी विभागों में दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही में सुधार लाने के साथ-साथ परियोजना निगरानी और कार्यान्वयन तंत्र को मज़बूत करने के उद्देश्य से AI-आधारित प्रणालियाँ शुरू करने की योजनाओं की घोषणा की थी।
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